झारखंड राज्य पोषण मिशन एवं यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से जिला समाज कल्याण कार्यालय, गढ़वा द्वारा SAAMAR/CMAM विषय पर दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण का सफल आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्घाटन जिला समाज कल्याण पदाधिकारी (DSWO) अर्चना सिन्हा द्वारा किया गया। प्रशिक्षण में जिले के MOIC, CDPO, Lady Supervisor (LS) एवं कंप्यूटर ऑपरेटरों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के प्रथम दिवस में कुपोषण की पहचान, प्रबंधन तथा SAAMAR/CMAM के 11 प्रमुख चरणों (11 Steps) की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही SAM एवं MAM बच्चों की समय पर पहचान, नामांकन, फॉलो-अप, रेफरल एवं समुदाय आधारित प्रबंधन (CMAM) की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।
द्वितीय दिवस में प्रतिभागियों को SAAMAR/CMAM मोबाइल ऐप एवं डैशबोर्ड का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान डेटा एंट्री, फॉलो-अप, रिपोर्टिंग, डैशबोर्ड विश्लेषण तथा सपोर्टिव सुपरविजन से संबंधित सभी प्रक्रियाओं का लाइव प्रदर्शन किया गया। प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि प्रत्येक Lady Supervisor को प्रतिमाह निर्धारित संख्या में सपोर्टिव सुपरविजन विजिट सुनिश्चित करते हुए समय पर पोर्टल पर रिपोर्ट भरनी है, ताकि राज्य स्तर पर सही एवं अद्यतन डेटा उपलब्ध हो सके।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा फील्ड स्तर पर आने वाली चुनौतियों एवं उनके व्यावहारिक समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। सभी प्रतिभागियों से अपील की गई कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान का उपयोग करते हुए अपने-अपने कार्यक्षेत्र में कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान, नियमित फॉलो-अप एवं गुणवत्तापूर्ण डेटा प्रविष्टि सुनिश्चित करें।
प्रशिक्षण के तकनीकी सत्रों का संचालन अजय कुमार वर्मा, राज्य परामर्शी (यूनिसेफ, झारखंड राज्य पोषण मिशन), समिता मंडल, राज्य परामर्शी (SCOE-SAM, RIMS), डॉ. गोविंद सेठ, मास्टर ट्रेनर एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC), मझिआँव, राना तबस्सुम, लेडी सुपरवाइजर, कांडी एवं मास्टर ट्रेनर तथा रूपेश कुमार मिश्रा, क्षेत्रीय प्रबंधक, गढ़वा द्वारा किया गया। सभी विशेषज्ञों ने कार्यक्रम के विभिन्न तकनीकी एवं व्यवहारिक पहलुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य जिले में SAAMAR/CMAM कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, कुपोषित बच्चों की शीघ्र पहचान, समयबद्ध उपचार, नियमित फॉलो-अप तथा गुणवत्तापूर्ण डेटा प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाना है।
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा अपने-अपने कार्यक्षेत्र में प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का प्रभावी उपयोग करते हुए कुपोषण मुक्त गढ़वा के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता एवं सामूहिक सहयोग के संकल्प के साथ हुआ।