गढ़वा जिले के डंडई और नगर प्रखंड के विभिन्न ईंट भट्ठों पर मंगलवार को बाल श्रम उन्मूलन के तहत औचक निरीक्षण किया गया। श्रम अधीक्षक संजय आनंद के नेतृत्व में धावा दल द्वारा की गई जांच में कोई भी बाल श्रमिक कार्यरत नहीं पाया गया।
श्रम अधीक्षक की चेतावनी:
ईंट भट्ठा मालिकों को निर्देश दिया गया कि बाल श्रम करवाना गंभीर अपराध है। यदि किसी भी नियोजक के यहां बाल श्रमिक पाए गए, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
सजा का प्रावधान: बाल श्रम कराने पर 6 माह से 2 वर्ष की सजा और ₹20,000 से ₹50,000 का जुर्माना अथवा दोनों।
धावा दल की टीम:
निरीक्षण में श्रम अधीक्षक संजय आनंद के साथ श्री प्रणव कुमार (अध्यक्ष, CWC), श्री संजय ठाकुर (संरक्षण अधिकारी, DCPU), श्री राजीव कुमार रवि (जिला समन्वयक, CHL गढ़वा), श्री गणेश कुमार (जिला समन्वयक, लोहरदगा ग्राम स्वराज्य संस्थान), श्री दीपक कुमार (आउटरीच वर्कर, DCPU), और PLV (DLSA) शामिल थे।