सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध, ठोस और तरल कचरा प्रबंधन पर जोर
गढ़वा: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत जिले के सभी गांवों को मॉडल ग्राम घोषित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त शेखर जमुआर की अध्यक्षता में हुई बैठक में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक कचरा रोकथाम, और स्वच्छता योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ODF प्लस के सभी घटकों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें और सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद हो।
राज्य समन्वयक निरुपम नाथ ने पावर प्रेजेंटेशन के जरिए जिले की प्रगति की जानकारी दी। उपायुक्त ने मनरेगा के तहत सभी पंचायतों में 15 दिनों के भीतर नाडेप और सोखता गड्ढे का निर्माण सुनिश्चित करने और Geo Tagging कराने का आदेश दिया। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस और तरल कचरा प्रबंधन, गोबर-धन योजना और सुरक्षित माहवारी प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई।
बैठक में उपायुक्त ने निर्माणाधीन परियोजनाओं को जल्द पूरा करने, बाजारों में सामुदायिक शौचालय स्थापित करने, और माहवारी स्वच्छता के लिए सभी राजस्व ग्रामों में भस्मक निर्माण के निर्देश दिए। प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के लिए पंचायतों को दिए गए कचरा वाहनों के सही संचालन पर भी जोर दिया गया।
इस अवसर पर उपायुक्त के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी, जैसे उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार, और जिला जन-संपर्क पदाधिकारी नीरज कुमार उपस्थित रहे। सभी संबंधित अधिकारियों को समन्वय बनाकर योजनाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया।