गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि गढ़वा जिले के सभी भ्रष्ट अधिकारी अपनी कार्यशैली को सुधार लें, नहीं तो उन्हें जेल की हवा खानी पड़ेगी। रविवार को अपने आवास पर आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि अधिकारी आज ही रिश्वतखोरी छोड़ने की कसम खा लें और जनता के कार्यों को ईमानदारी से करें। अन्यथा उनके लिए जेल ही अंतिम स्थान होगा।
विधायक तिवारी ने कहा, “विधानसभा चुनाव परिणाम आए हुए एक माह हो चुका है, लेकिन अधिकारी अभी भी पुराने ढर्रे पर काम कर रहे हैं। प्रखंड, अंचल, और पीडीएस समेत सभी विभागों में भ्रष्टाचार चरम पर है। आम जनता की जमीन जबरन कब्जा कर, बिना मुआवजा दिए सरकारी निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हैं।”
उन्होंने प्रशासन पर गरीबों के साथ दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर केवल गरीबों के मकान और दुकानें उजाड़ दी जा रही हैं, जबकि बड़े और प्रभावशाली लोगों की इमारतों को नजरअंदाज किया जा रहा है। विधायक ने इसे अन्याय करार देते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर वे जनता के साथ सड़क पर उतरने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वे सोमवार को अधिकारियों से मुलाकात कर हाई कोर्ट के निर्देशों की जानकारी लेंगे और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में हो रहे भेदभाव को रोकने की मांग करेंगे। विधायक ने स्पष्ट किया कि वे गरीबों के अधिकारों के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।
विधायक ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया, "जनता की समस्याओं का समाधान करें, वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहें।"