सूचकांकों की शत-प्रतिशत पूर्ति का निर्देश
गढ़वा: समाहरणालय सभागार में उपायुक्त शेखर जमुआर ने आकांक्षी जिला एवं प्रखंडों की प्रगति की समीक्षा करते हुए नीति आयोग के 49 प्रमुख सूचकांकों पर चर्चा की। उन्होंने 6 प्रमुख इंडिकेटरों—गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व देखभाल, बच्चों का पूर्ण टीकाकरण, मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप की नियमित जांच, सॉयल हेल्थ कार्ड वितरण, स्वयं सहायता समूहों को फंड उपलब्धता, और स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता—पर विशेष जोर दिया।
प्रमुख निर्देश:
1. स्वास्थ्य:
गर्भवती महिलाओं का एएनसी रजिस्ट्रेशन और इंस्टीट्यूशनल डिलीवरी सुनिश्चित करना।
मालन्यूट्रिशन और एमटीसी सेंटर संचालन पर प्राथमिकता।
लो बर्थ वेट, डायबिटीज और हाइपरटेंशन पर ध्यान केंद्रित करना।
2. शिक्षा:
विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, विद्युतीकरण, और पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
बच्चों को साइकिल वितरण एवं पठन-पाठन की गुणवत्ता पर फोकस।
3. कृषि:
सॉयल हेल्थ कार्ड वितरण में तेजी लाना।
माइक्रो एवं डीप इरिगेशन, फसल बीमा योजनाओं पर कार्य सुनिश्चित करना।
4. पेयजल एवं स्वच्छता:
कचरा प्रबंधन वाहनों के क्रय एवं संचालन की समीक्षा।
डेल्टा रैंकिंग में सुधार का लक्ष्य
उपायुक्त ने कमज़ोर प्रदर्शन वाले सूचकांकों पर फोकस करने और समयबद्ध तरीके से सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने सिविल सर्जन और अन्य अधिकारियों को सूचकांकों की नियमित मॉनिटरिंग करने और जन-जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया।
उपस्थित अधिकारी:
बैठक में उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी शिव शंकर प्रसाद, बीईईओ रंभा चौबे, स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम सुजीत कुमार मुंडा, नीति आयोग एवं पीरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।