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राधिका नेत्रालय में 25/09/2024 को मोतियाबिंद मरीजों का निशुल्क ऑपरेशन



गढ़वा जिला मुख्यालय से सटे चिरौजिया मोड़ स्थित राधिका नेत्रालय में 25/09/2024 को मोतियाबिंद मरीजों का निशुल्क ऑपरेशन किया जायेगा. इच्छुक मरीज आकर मिल सकते हैं.

नेत्र रोगियों के लिए वरदान साबित हो रहा राधिका नेत्रालय

राधिका नेत्रालय के निदेशक, डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि अस्पताल में नियमित रूप से मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों के निशुल्क ऑपरेशन किए जा रहे हैं। यहां आने वाले मरीज सिर्फ गढ़वा जिले से ही नहीं, बल्कि आसपास के दूरदराज के इलाकों से भी आते हैं। डॉ. सुशील ने कहा, "हमारा उद्देश्य आंखों की देखभाल को सभी के लिए सुलभ बनाना है, खासकर उन लोगों के लिए जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं।"

निशुल्क ऑपरेशन के साथ मिलती हैं दवाइयां और चश्मा

डॉ. सुशील ने जानकारी दी कि ऑपरेशन के लिए मरीजों को आधार कार्ड और राशन कार्ड लाना जरूरी है। ऑपरेशन के बाद मरीजों को निशुल्क चश्मा और दवाइयां भी प्रदान की जाती हैं, जिससे उनका इलाज पूरी तरह से हो सके। उन्होंने बताया, "हम मरीजों का रजिस्ट्रेशन करने के बाद, उनकी संपूर्ण देखभाल करते हैं। ऑपरेशन से लेकर उनकी पुनर्वास तक, हम हर चरण में मरीजों के साथ होते हैं।"

अब तक 422 से ज्यादा मरीजों का सफल ऑपरेशन

राधिका नेत्रालय की सेवाओं से अब तक 2024-25 के सत्र में 422 से ज्यादा मोतियाबिंद मरीजों का सफल ऑपरेशन हो चुका है। अस्पताल की इस उपलब्धि ने इसे जिले के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शामिल कर दिया है। डॉ. सुशील ने बताया कि यह सफलता केवल उनकी नहीं, बल्कि अस्पताल की पूरी टीम की मेहनत का परिणाम है।

अस्पताल की उत्कृष्ट सेवाएं

राधिका नेत्रालय ने खुद को केवल एक चिकित्सा केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि एक सेवा केंद्र के रूप में स्थापित किया है। यहां दी जाने वाली उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं ने जिले के हजारों लोगों को आंखों की रोशनी वापस दिलाने में मदद की है। मरीजों का कहना है कि अस्पताल का वातावरण और स्टाफ का व्यवहार बहुत ही सौहार्दपूर्ण और सहयोगी है, जिससे उनका अनुभव और भी बेहतर होता है।

आंखों की रोशनी लौटाने में अग्रणी भूमिका

राधिका नेत्रालय की सेवाएं न सिर्फ गढ़वा जिले में, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी एक मिसाल बन गई हैं। यह अस्पताल आंखों की बीमारियों के इलाज में विशेषज्ञता और देखभाल के साथ-साथ मानवता का भी प्रतीक है। यहां हर साल सैकड़ों मरीज अपनी आंखों की रोशनी वापस पाते हैं और अपने जीवन को बेहतर बनाने में सफल होते हैं।

 


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